दम है तो शी को गिरफ्तार करके दिखाओ
कोरोना सस्पेक्टेड लोगों ने चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ थाने में दी एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी
अपने तरीके का पहला मामला खीरी के पलिया तहसील से
कोरेटाइन किये गये लोगों ने सीओ से मिलकर एफआईआर कराने की दी अर्जी
जिस शी जिनपिंग को पूरे भारत ने अपने सर आखों पर बिठाया था उसी शी जिनपिंग के खिलाफ अब लोग सड़कों पर उतर रहे है और भारत सरकार से उन पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। ताजा मामला लखीमपुर खीरी की तहसील पलिया से आया है। जहां कोरोना वायरस से परेशान लोगों ने स्थानिय थाने में शी जिनपिंग केखिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अर्जी दी है।
पलिया से हुई शुरूआत
दुधवा नेशनल पार्क से सटे पलिया वन क्षेत्र के बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज में बनाये गए कोरेटाइन घर में रहने वाले दर्जनों लोगो ने सीओ राकेश नायक से मिलके चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज़ करने की मांग की है। कोरेटाइन घर में रह रहे नगर के मोहल्ला माहिगिरान निवासी मोहम्मद शफ़ीक़ ने आरोप लगाते हुए कहा की चीन की लापरवाही से हमारा परिवार और हम बहोत परेशान हैं। साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया की इस खतरनाक वायरस की वजह से न जाने कितनी ज़िन्दिगियां मौत की नींद सो चुकी हैं। इसलिए हमारी मांग है की चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ और सख्त से सख्त कारवाही हो। भारत में रह कर काम कर रहे नेपाल निवासी एकम सांवन्त ने भी चीन पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि की हमारे जितने भी नेपाली साथी हैं वो सभी भारत में काम कर रहे थे मगर इस महामारी ने उनकी रोज़ी रोटी भी छीन ली और इसका जिम्मेदार चीन है। न चीन वायरस बनाता और न ही हम बर्बाद होते।पलिया तहसील के सीओ राकेश नायक कहते हैं कि हां यह बात सही है कि पलिया के लोगों ने चीन के राष्ट्रपति के शी जिनपिंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कहीं है। इन लोगों से प्रर्थाना पत्र ले लिया गया है और आगे की कार्रवाई विचारनीय है। जो उपयुकत हो वो किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
पहले तो पुतले फुंकते थे
समाज शास्त्री डीके त्रिपाठी कहते हैं कि अभी तक लोग अपने गुस्से ला इजहार पुतला जलाकार और धरना प्रदर्शन कर के करते थे। अमेरिका कोरोना वायरस को चाइना वायरस कह कर बुला रहा है और लोगों में यह बात आम हो चुकी है कि इस वायरस का जनक चाइना है। यह जांच का विषय है और इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। वह कहते हैं कि निसंदेह पलिया के लोगों ने समझदारी का परिचय दिया है। इन लोगों ने कोई धरना प्रदर्शन न करके सीधे एफआईआर की बात की है। वह कहते हैं कि थाने के जरिये इस पत्र को चीनी एंबेसी भेजा जाना चाहिए और लोगों की भावनाओं से शी जिनपिंग को अवगत कराना चाहिए।
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